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कुम्भ को लेकर हुई बैठक में बिफरी अखाड़ा परिषद, मुख्यमंत्री को सुनाई ख़री-ख़री
February 9, 2020 • Express Bureau • राज्य

हरिद्वार। कुम्भ 2021 को लेकर आज मुख्यमंत्री के साथ हुई अखाड़ा परिषद की बैठक में संतो ने खूब खरी खोटी सुनाई। परिषद के पाधिकारियों ने कुम्भ की तैयारियों को लेकर सरकार व मेला प्रशासन पर उदासीनता बरतने का आरोप लगाया।
हरिद्वार में अगले वर्ष होने वाले कुम्भ मेले की तैयारियां अभी तक शुरू नही हुई है। इसको लेकर सरकार पर लगातार आरोप लगते रहे हैं। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष नरेंद्र गिरी कई बार अपनी नाराज़गी जता चुके हैं।
मेले के आयोजन के लिए अखाड़ा परिषद के साथ विचार विमर्श करने व तैयारियों का जायजा लेने हेतु आज मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गयी थी। बैठक में पहले तो अखाड़ा परिषद के संतो ने मुख्यमंत्री को एक घंटे इंतज़ार कराया, और जब अखाड़ों के प्रतिनिधि बैठक में पहुंचे तो उन्होंने मुख्यमंत्री व शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक पर कुम्भ आयोजन को लेकर उदासीनता बरतने का आरोप लगाया।
अखाड़ों के संतो ने कुम्भ मेला प्रशासन द्वारा परिषद की और से दिए गए प्रस्तावों पर काम न करने की शिकायत भी मुख्यमंत्री से की। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने अखाड़ों में सुरक्षा, जमीनों पर से अतिक्रमण हटवाने, स्थाई निर्माण सम्बन्धी अनेक प्रस्ताव रखे और कार्यवाही न होने पर अगली बैठकों सहित कुम्भ मेले के बहिष्कार का ऐलान कर दिया।
परिषद के महामंत्री महंत हरि गिरी ने मदन कौशिक को आड़े हाथों लेते हुए कहा की आपको शहर और मेले से कोई सरोकार नहीं है। संतो ने मुख्यमंत्री के सामने शहरी विकास मंत्री पर भी अपनी नाराज़गी जाहिर की।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा की मेले का आयोजन संतो के परामर्श से भव्यता के साथ किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अखाड़ा परिषद के प्रस्ताव लेने और उन पर अमल करने के निर्देश भी दिए।