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लॉक डाउन से तीर्थ पुरोहितों व कथा व्यासों की आजीविका पर हुआ असर, सरकार दे राहत पैकेज
April 7, 2020 • Express Bureau • राज्य

पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने धार्मिक कर्मकांडों, कथा वाचकों, कथा व्यासों, तीर्थ पुरोहितों आदि की लॉकडाउन से हुई गम्भीर आर्थिक हालात पर चिंता व्यक्त की है।
उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने आज हरिद्वार, बनारस, देव प्रयाग, पुष्कर, उज्जैन, रामेश्वरम आदि तीर्थ स्थानों के पुरोहितों से बात की है। कई लोग जिनका परिवार यजमानों के पूजा कार्य से चलता है, उनके परिवार बेहद मुश्किल आर्थिक हालात से गुज़र रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नवरात्री में भगवती पूजा और चण्डीपाठ से ये ब्राह्मणजन अपने परिवारों के लिए कई महीनो का खर्च निकाल लेते थे, लेकिन इस बार लॉकडाउन के चलते वह भी सम्भव नहीं हो पाया।
किशोर ने कहा कि मंदिरों के कपाट बंद होने के कारण वहाँ के पुजारियों के सामने भी अपने परिवारों की आजीविका का संकट पैदा हो गया है। यात्री न आने से तीर्थ पुरोहितों को भी बहुत आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कथाव्यासों की भी यही स्थिति है। इन पुनीत कार्यों में विप्र वर्ग के साथ जुड़े टेंट, साउंड, भण्डारी-रसोईया आदि लोगो की भी आर्थिक स्थिति ख़राब हो गई है।
उन्होंने कहा कि ये यात्रा सीजन है, हाल ही में गुजरात के श्रद्धालु हरिद्वार कथा आयोजन में आये थे, जिन्हें लॉकडाउन में वापस भेजा गया था। ऐसे अनेको उदाहरण हैं जो हालात की गंभीरता को दर्शाते हैं।
उपाध्याय ने कहा कि ढोल वादकों की आर्थिक स्थिति पर भी बड़ा बुरा असर पड़ा है।वैवाहिक आयोजनों के स्थगित होने से पुजारी वर्ग जितना प्रभावित हुआ उतना ही ढोल वादक वर्ग भी प्रभावित हुआ है।
किशोर ने कहा कि कथाव्यास प्रतिवर्ष लगभग 15 हजार करोड़ का आर्थिक योगदान देश की अर्थव्यवस्था में देते हैं, जोकि चौपट होता दिख रहा है।
उपाध्याय ने केंद्र व राज्य सरकारों से इन वर्गों की आर्थिक सहायता का आग्रह किया है, जिससे इन्हें व इनके परिवारों को भुखमरी से बचाया जा सके।
उन्होंने चेताया कि यदि इस बार चारधाम यात्रा कोरोना से प्रभावित होती है तो स्थिति और भी विकट हो जायेगी, जिसका असर पूरे प्रदेश की आर्थिकी और रोज़गार पर पड़ेगा।
सरकार को अभी सचेत होने की ज़रूरत है।