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नोटबन्दी-जीएसटी के बाद अब RCEP तोड़ेगा व्यापार की कमर
October 30, 2019 • Express Bureau

अगले महीने चीन सहित 16 देशों से होगा समझौता, देश में गहरा सकती है मंदी

नई दिल्ली। (एक्सप्रेस ब्यूरो) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 नवंबर को बैंकॉक में 10 आसियान   तथा 6 एफटीए देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने जा रहे हैं। इस समझौते के बाद आसियान देशों के 90 प्रतिशत उत्पाद तथा ऑस्ट्रेलिया, जापान, चीन, दक्षिण कोरिया और न्यूज़ीलैंड के 74 प्रतिशत उत्पाद भारत में करमुक्त हो जाएंगे।

विदित हो की चीन भारत से जितना माल खरीदता है उससे 4 गुना ज्यादा भारत में बेचता है। इस समझौते के उपरांत उसके सस्ते माल की खपत यहां और बढ़ जाएगी जिसका सीधा नुकसान यहां के छोटे और मंझोले उत्पादकों सहित व्यापारियों को होगा। वहीं न्यूज़ीलैंड, ऑस्ट्रेलिया जैसे देश भारत में कम दामों पर दुग्ध उत्पाद बेचेंगे, जिससे यहां के किसान व पशुपालकों की आर्थिकी प्रभावित होगी। 

जानकारों का मानना है की इस समझौते के बाद भारतीय बाज़ारों में बीज, खाद भी विदेशों से आयात होकर बिकेगा। विदेशी कंपनियां इतने कम दामों पर अपने उत्पाद बेचेगी की भारतीयों के लिए उनसे मुकाबला करना असंभव होगा। ऐसे में पहले से ही मंदी की मार झेल रहे व्यापारी और अधिक बेहाल हो जाएंगे।

वहीं, सरकार के इस कदम का जबरदस्त विरोध भी शुरू हो गया है। कांग्रेस, वामपंथी दलों सहित संघ से जुड़ी संस्था स्वदेशी जागरण मंच ने इस समझौते का पुरजोर विरोध किया है। अखिल भारतीय किसान सभा ने भी 4 नवंबर को देशव्यापी प्रदर्शन का एलान किया है।

उधर सरकार समझौते की शर्तों को अंतिम रूप देने में जुटी है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने एक बयान में कहा की सरकार किसी भी रूप में व्यापारियों और किसानों को नुकसान नही होने देगी।