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रक्तदान से दूर होती हैं बीमारियां: रूप किशोर
October 18, 2019 • संवाददाता

हरिद्वार।। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के योग विज्ञान विभाग में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें गुरुकुल के छात्रों, अध्यापकों, कर्मचारियों एवं भारत विकास परिषद, पंचपुरी शाखा के स्वयंसेवी कार्यकर्ताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 रूप किशोर शास्त्री ने कहा कि रक्तदान महादान है। रोती हुई जिन्दगियों को रक्तदान देने से बचाया जा सकता है। रक्तदाताओं की खून की एक-एक बूँद बीमारी के समय पर रक्त की आवश्यकता पड़ने पर हमें खुशहाली देती है। हर तीन माह में प्रत्येक व्यक्ति को रक्तदान अवश्य करना चाहिए।

आयुर्विज्ञान एवं स्वास्थ्य संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो0 ईश्वर भारद्वाज ने कहा कि आज योग विज्ञान भवन में विश्वविद्यालय के अध्यापकों, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों एवं छात्रों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया है। इस तरह की पहल विश्वविद्यालय स्तर से होनी चाहिए। अगला रक्तदान शिविर दूसरी संकाय में लगाया जाएगा। यह संस्थान पुरातन संस्कृति के साथ दानों की संस्था के रूप में जाना जाता है।
एन0सी0सी0 के समन्वयक डा0 राकेश भूटियानी ने कहा कि आज एन0सी0सी0 के छात्रों ने बड़ी गम्भीरता के साथ रक्तदान शिविर में भाग लिया और रक्तदान किया। इसके साथ ही एन0सी0सी0 के छात्रों ने स्वयंसेवा भी की। इसके साथ ही एन0एस0एस0 के समन्वयक डा0 मौहर सिंह मीणा ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के विद्यार्थियों को भोजन में आयरन एवं पोषक तत्वों को सम्मिलित करने की सलाह दी ताकि शरीर में रक्त की कमी न पड़े।

भारत विकास परिषद पंचपुरी शाखा के सचिव डा0 उधम सिंह ने कहा कि रक्त का दान प्रत्येक व्यक्ति को इसलिए करना चाहिए क्योंकि जो रक्तदान दिया जाता है, उस रक्त का लाभ स्वयं रक्तदाता को होता है। तीन माह में रक्तदान करने से हमारे शरीर की अनेक बीमारियां स्वतः ही दूर हो जाती है। रक्त जब साफ और सुथरा होता है तो हमारे शरीर की क्रिया प्रणाली अच्छा काम करने लगती हैं। उन्होंने बताया कि रक्तदान शिविर में 125 यूनिट रक्त एकत्रित किया तथा 200 से अधिक विद्यार्थियों ने रक्तदान हेतु अपना पंजीयन कराया।

इस अवसर पर हरिद्वार जिला चिकित्सालय से डाक्टरों की टीम एवं उनके सहयोगी सहभागिता निभाई। इस अवसर पर प्रो0 आर0केएस0 डागर, बी0पी गुप्ता, जोगेन्द्र कुमार मोंगा, प्रो0 विवेक गुप्ता, डा0 कृष्ण कुमार, डा0 अजेन्द्र, डा0 पंकज कौशिक, धर्मेन्द्र सिंह, जितेन्द्र सिंह, हेमन्त सिंह नेगी, जोगेन्द्र, पवन कुमार, निष्कर्ष, संजीव मिश्रा, मोहन सिंह एवं छात्र उपस्थित रहे।